




हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने शुरुआत में सभी क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन अब आयोग ने सुझाव दिया है कि मुख्य परीक्षा के लिए सिर्फ 10 गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने भी इस दिशा में काम करने का संकेत दिया है। हालांकि, संशोधनों पर विचार-विमर्श के चलते परीक्षा की तिथि लगातार टलती जा रही है।
परीक्षा में देरी और संशोधनों के चलते राज्य के कई युवा असमंजस में हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिनकी सरकारी नौकरी के लिए पात्रता की उम्र निकल चुकी है या निकट भविष्य में समाप्त होने वाली है। योग्य उम्मीदवारों को यह डर सता रहा है कि कहीं परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें अपनी मेहनत का फल न मिल पाए।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पहले उच्च न्यायालय में कहा था कि CET परीक्षा 31 दिसंबर तक आयोजित कर ली जाएगी। लेकिन परीक्षा में संशोधन न होने के कारण यह अब असंभव सा लगता है। इससे न केवल आयोग का कामकाज ठप हुआ है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ी बाधा आ रही है। जिन ग्रुप के पेपर अब तक आयोजित नहीं हुए हैं, उनके उम्मीदवार लगातार परीक्षा की तिथि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
CET मुख्य परीक्षा के लिए 10 गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने का प्रस्ताव कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह प्रक्रिया न केवल भर्ती को आसान बनाएगी, बल्कि योग्य उम्मीदवारों की संख्या सीमित कर प्रतिस्पर्धा को भी कम करेगी। हालांकि, यह प्रक्रिया उन उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है जो मामूली अंतर से शॉर्टलिस्टिंग से बाहर हो सकते हैं।
सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित करेंगे और संशोधनों पर अंतिम निर्णय लेंगे। युवाओं का समय और उनका करियर दांव पर है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि योग्य उम्मीदवारों को समय पर नौकरी के अवसर मिलें।




