




हरियाणा लोक सेवा आयोग ने अब तक PGT की 31 भर्तियों में से 12 के फाइनल परिणाम घोषित किए हैं। इन परिणामों के आधार पर विभागों को चयनित अभ्यर्थियों की ज्वॉइनिंग के लिए सिफारिशें भेजी जा रही हैं। हालांकि, इन भर्तियों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में 190 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।
PGT मैथमेटिक्स की भर्ती को लेकर सबसे अधिक 33 याचिकाएं दायर हुई हैं। इस विवाद ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को गंभीर संकट में डाल दिया है। ज्वॉइनिंग प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद, हाई कोर्ट का अंतिम निर्णय आने तक इन नौकरियों पर अनिश्चितता बनी रहेगी।
PGT के अलावा, HPSC द्वारा सिंचाई विभाग में असिस्टेंट सिविल इंजीनियर की भर्ती के परिणाम भी हाल ही में घोषित किए गए थे। हालांकि, इस भर्ती को लेकर भी 7 याचिकाएं दायर की गई हैं, जिससे यह भी हाई कोर्ट के निर्णय पर निर्भर हो गई है।
20 दिसंबर 2024 से 8 जनवरी 2025 तक HPSC ने कुल 13 भर्तियों के परिणाम घोषित किए। हालांकि, इनमें से अधिकांश भर्तियों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल होने के कारण, इनकी वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह स्थिति न केवल आयोग की प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी असमंजस पैदा करती है।




