




सुरजेवाला ने अपने X अकाउंट पर ट्विट किया कि सिरसा जिले में चपरासी और चौकीदार के मात्र 13 पदों के लिए 5,700 युवाओं ने आवेदन किया। इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता केवल आठवीं पास थी, लेकिन आवेदकों में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, बीटेक, बीकॉम, एमकॉम, बीसीए और यहां तक कि एमफिल धारक भी शामिल थे। यह बताता है कि प्रदेश में उच्च शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कितने सीमित हैं।
हरियाणा में भाजपा के डबल इंजन ने दी,
‘बेरोजगारी के महामारी’ की ऐसी मार…
MA, https://t.co/KdNkKwOwGs. और MBA पास को भी है, चपरासी-चौकीदार के नौकरी की दरकार !▪️ सिरसा में चपरासी और चौकीदार के कुल 13 पदों के लिए 5,700 युवाओं ने किया आवेदन !
Advertisement▪️ 8 वीं पास की इस भर्ती के लिए बीए,… pic.twitter.com/ILNmU5UDJG
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) January 16, 2025
प्रदेश में हजारों युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन जब उनके लिए रोजगार ही नहीं है, तो उनकी डिग्रियां केवल कागज का टुकड़ा बनकर रह जाती हैं। यह स्थिति न केवल युवाओं की उम्मीदों को तोड़ती है, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।




