




InKhabar Haryana, Heart Attack: दिनभर की भागदौड़ और काम के तनाव के बाद जब रात को नींद आती है, तो अक्सर यह सोचकर सोते हैं कि सुबह फिर से काम पर जाना होगा। लेकिन सही नींद पूरी न हो पाने के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए रात में 7 से 9 घंटे की नींद लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें सबसे गंभीर हृदय संबंधी समस्याएं शामिल हैं।
एक रिसर्च के अनुसार, जब लोग हफ्ते भर में अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते और वीकेंड पर अपनी बचे हुए नींद को पूरा करते हैं, तो इसे ‘स्लीप डेट’ (Sleep Date) कहा जाता है। यह प्रथा हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकती है। रिसर्च में यह पाया गया है कि अगर आप वीकेंड पर अपनी नींद पूरी करते हैं, तो हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा 28% तक घट सकता है। लंदन में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, चीन के लोग अपनी नींद पूरी करने में सबसे आगे हैं, और वे अपनी नींद से समझौता नहीं करते।
क्लीवलैंड क्लिनिक के रिसर्च के अनुसार, अधूरी या कम नींद से शरीर कमजोर हो सकता है और विशेष रूप से महिलाओं पर इसका अधिक असर पड़ता है, जो उनके हृदय स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है। वीकेंड पर ज्यादा सोने से नींद की कमी से हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है। एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों ने काम के दिनों में 6 घंटे से कम नींद ली और वीकेंड पर दो घंटे अतिरिक्त सोए, उनमें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम काफी कम था।
हालांकि, नियमित रूप से कम नींद लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, और इसे केवल वीकेंड पर सोकर पूरा नहीं किया जा सकता। फिर भी, स्लीप डेट का लाभ उठाकर नींद की कमी के नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, अपनी नींद को प्राथमिकता देना और उसे नियमित रूप से पूरा करना महत्वपूर्ण है।




