Inkhabar Haryana, Aarti Rao wrote Letter to Ashwini Vaishnaw: हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री आरती सिंह राव ने अटेली-नारनौल क्षेत्र के हजारों दैनिक रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल की है। उन्होंने क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार और गाड़ियों के नियमित संचालन की माँग को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। यह कदम लंबे समय से लंबित जनअपेक्षाओं और जनसमस्याओं को लेकर उठाया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या हैं पूरा मामला?
अटेली, नारनौल और महेन्द्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में रेलवे सुविधाओं की लंबे समय से अनदेखी हो रही थी। इन क्षेत्रों के यात्रियों को रोजमर्रा की यात्रा के लिए सीमित रेल सेवाओं के चलते अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर नौकरीपेशा, व्यापारी, छात्र और मरीजों को दिल्ली, रेवाड़ी, जयपुर, गुरुग्राम और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जो न केवल महंगे हैं, बल्कि समय और संसाधनों की भी बर्बादी कराते हैं।
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला महेन्द्रगढ़ के दैनिक रेल यात्री संघ ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया, जिसके बाद मंत्री आरती सिंह राव ने इन जनमांगों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ उठाया।
मंत्री आरती सिंह राव की प्रमुख माँगें
अपने पत्र में मंत्री आरती सिंह राव ने क्षेत्र की रेल समस्याओं को विस्तार से रखते हुए कुछ स्पष्ट और ठोस माँगें केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखीं:
1. स्पेशल गाड़ियों को नियमित किया जाए – ट्रेनों को स्थायी रूप से चलाने की माँग की गई हैं जिनमें गाड़ी संख्या 09425/09426, 09557/09558, 09637/09638, 09639/09640
2. अटेली रेलवे स्टेशन पर जरूरी गाड़ियों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, विशेषकर 05097/05098, 22451/22452, 22949/22950, 12065/12066, 09425/09426, 09557/09558
3. नई रेलगाड़ियों का संचालन अटेली और महेन्द्रगढ़ से आरंभ किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर और समयबद्ध रेल सेवा मिल सके।
रेल सुविधा में सुधार से व्यापक लाभ की उम्मीद
मंत्री आरती सिंह राव ने पत्र में यह भी लिखा कि क्षेत्र के हजारों दैनिक यात्रियों को कामकाज, शिक्षा, स्वास्थ्य व पारिवारिक कारणों से नियमित तौर पर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में सीमित रेल विकल्पों की वजह से आमजन को मानसिक, आर्थिक और समय की मार झेलनी पड़ती है। रेल सेवाओं में व्यापक सुधार ना केवल आमजन को राहत देगा, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का माध्यम भी बनेगा।