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Aditya Chautala: “हरियाणा की कानून व्यवस्था बिहार से भी बदतर”- आदित्य देवीलाल चौटाला

BY: • LAST UPDATED : August 23, 2025

Inkhabar Haryana, Aditya Chautala: इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल चौटाला ने आज प्रेसवार्ता कर विधानसभा सत्र के दौरान घटित घटनाक्रम और प्रदेश की मौजूदा हालातों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा को जनता की समस्याओं को उठाने और समाधान खोजने का सर्वोच्च मंच माना जाता है, लेकिन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष की खींचतान ने इसे “जनता के हितों की जगह राजनीतिक अखाड़ा” बना दिया है।

कांग्रेस पर हमलावर

चौटाला ने कहा कि इस बार सदन में 40 नए विधायक चुने गए हैं, जिससे स्पीकर को उम्मीद थी कि नई ऊर्जा और नई सोच के साथ सत्र सुचारू रूप से चलेगा। लेकिन कल का घटनाक्रम इस उम्मीद पर पानी फेर गया। उनका आरोप था कि कांग्रेस खुद तैयारी करके नहीं आई और इसलिए उसने सदन को चलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इनेलो ने लिखित रूप से प्रश्नकाल से पहले कानून-व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री भी चर्चा के लिए तैयार थे, इसके बावजूद कांग्रेस ने माहौल बिगाड़कर चर्चा नहीं होने दी।

बीजेपी पर सीधा निशाना

इनेलो नेता ने कहा कि आज प्रदेश की हालत इतनी खराब है कि हरियाणा की कानून व्यवस्था बिहार से भी बदतर होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने भिवानी की शिक्षिका मनीषा हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच की बात तो कही, लेकिन चौटाला ने सवाल उठाया कि अब तक प्रदेश में जितनी भी सीबीआई जांचें हुईं, उनमें से कोई भी निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंची। उन्होंने मांग की कि सरकार यह बताने के लिए श्वेत पत्र (White Paper) जारी करे कि कितनी सीबीआई जांचें हुईं और उनके नतीजे क्या रहे।

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चौटाला ने यह भी गंभीर सवाल खड़ा किया कि जब एक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर खुलकर मनीषा के मामले में “बदला लेने” की धमकी दी, तो मुख्यमंत्री ने उस पर एफआईआर क्यों दर्ज नहीं करवाई। इसे उन्होंने सरकार की सबसे बड़ी नाकामी करार दिया।

भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों पर सवाल

आदित्य चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश का हर विभाग भ्रष्टाचार की चपेट में है। सरकार “बिना पर्ची और बिना खर्ची” की बातें कर तालियां तो बजवाती है, लेकिन हकीकत यह है कि आम आदमी का कोई काम बिना लेन-देन के नहीं होता।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ फोटो खिंचवाने और झूठे वादे करने में माहिर हैं। जिस आवास में मुख्यमंत्री रहते हैं, उसका नाम भले ही संत कबीर कुटीर है, लेकिन उनका आचरण संतों से बिल्कुल विपरीत है। चौटाला ने तीखा आरोप लगाया कि लगता है प्रदेश के सारे गुंडे-मवाली मुख्यमंत्री ने पाल रखे हैं।

मीडिया पर नियंत्रण की कोशिश का आरोप

प्रेसवार्ता के दौरान चौटाला ने यह भी कहा कि विधानसभा की ओर से जारी सर्कुलर के जरिए मीडिया पर नकेल कसने की कोशिश की जा रही है ताकि सरकार की नाकामियां जनता के बीच न पहुंचें। उन्होंने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया।