




Ambala News: अंबाला में विधानसभा चुनावों को लेकर आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी वर्कर्स ने भी कड़ा रुख अपना लिया है। उनका कहना है कि 10 वर्ष में भी सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर पाई है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि जो पार्टी उनकी10 साल लम्बी मांगों को पूरा करेगी वह सब उन्हें ही वोट करेंगे। व्ही दूसरी तरफ आशा वर्कर्स का कहना है कि वह चुनावों में भाजपा का सहयोग नहीं करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर दिलासा तो बड़े-बड़े देती है लेकिन कभी भी उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है। मांगों को लेकर आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स कई बार हड़ताल मार्च भी निकाल चुके हैं। उसके बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं की गई है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी प्रधान अनुपमा ने बताया कि पिछले 10 साल से वर्कर्स नियमित कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम 26 हजार रुपए की सैलरी को लेकर मांग उठा रहे है। मुख्यमंत्री ने 750 रुपए महंगाई भत्ता देने का ऐलान भी किया था लेकिन सिर्फ एक बार ही उन्हें महंगाई भत्ता मिला था। उसके बाद अभी तक उन्हें महंगाई भत्ता नहीं मिला है। चुनावों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स एसोसिएशन उसी दल का साथ देगी जो उनकी मांगों को लेकर कोई कड़ा कदम उठाएगा। अभी तक किसी भी दल ने उनकी मांगों को लेकर कोई ऐलान नहीं है।
आशा कर्मचारी प्रधान कविता शर्मा ने विधानसभा चुनावों को लेकर बताया कि चुनावों के समय में भाजपा ने बड़े- बड़े वायदे किए थे। लेकिन अभी तक एक भी पूरा नहीं हुआ है। उतना ही नहीं अब ताे सरकार के निर्देश हैं कि वर्कर्स की परीक्षा भी ली जाएगी। वर्कर्स को पिछले तीन महीने से सैलेरी नही मिला है। चुनावों को लेकर वर्कर्स प्रत्येक पीएचसी में बैठक कर नीतियां बनाएंगी।
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