




अनिल विज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री पद की लालसा नहीं रखी और ना ही किसी तरह की विशेष सुविधाएं मांगी। उन्होंने कहा कि मैं सात बार का विधायक हूं। मैंने न तो मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई, न कोई कोठी ली, न किसी सुविधा की मांग की। अगर कोई मेरी गाड़ी छीनना चाहता है, तो मेरे कार्यकर्ता खुद ही नई गाड़ी दे देंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अनिल विज ने उन्हें “झूठों का सरदार” करार दिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल लोगों में डर फैलाने की राजनीति कर रहे हैं, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। विज ने भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए दावा किया कि दिल्ली की जनता अब भ्रष्टाचारियों को सत्ता नहीं सौंपेगी।
अनिल विज ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हुड्डा को पढ़ना नहीं आता, इसलिए उन्हें बजट की अहमियत समझ नहीं आई। यह बजट किसानों और आम जनता के लिए कई बेहतरीन प्रावधान लेकर आया है।
अपने पिछले चुनाव में सरकारी अधिकारियों द्वारा अड़चनें पैदा किए जाने के सवाल पर विज ने कहा कि अब उन अधिकारियों के तबादले से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने इशारों-इशारों में प्रशासनिक ढांचे में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
अनिल विज ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजकल गद्दारों का बोलबाला है। हालांकि, उन्होंने इस बयान को लेकर किसी विशेष नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बयान उनकी राजनीतिक धारणा को स्पष्ट करता है।




