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Anil Vij: “मैं भाजपा में सबसे वरिष्ठ विधायक हूँ मेरे आधे के बराबर भी कोई नही जीता”- अनिल विज

BY: • LAST UPDATED : August 4, 2025
Inkhabar Haryana, Anil Vij: हरियाणा की सियासत के फायरब्रांड नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल विज एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। सोमवार को अंबाला में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश की 42 विधानसभाओं में प्रभारी नियुक्त किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर मतदाता कार्ड मामले में तीखा कटाक्ष किया और हाल ही में विवादों में आए कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लेकर भी स्पष्ट टिप्पणी दी।

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पार्टी में साइडलाइन किए जाने पर बोले

भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हरियाणा की 42 विधानसभा सीटों पर नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। इस लिस्ट में अनिल विज का नाम शामिल न होने पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या उन्हें पार्टी में दरकिनार किया जा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि वह पार्टी से नाराज नहीं हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा में मुझसे बड़ा कोई भगत नहीं हो सकता। मैं भाजपा का सबसे वरिष्ठ विधायक हूं, सात बार से लगातार जीत रहा हूं। मेरे आधे के बराबर जीतने वाला कोई दूसरा नहीं है।

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तेजस्वी यादव पर तंज

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है। इस मसले पर अनिल विज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि तेजस्वी के दो कार्ड मिल गए हैं, तो उनके कार्यकर्ताओं के तो 100-100 कार्ड होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी व्यंग्य करते हुए कहा कि तेजस्वी के दो कार्ड मिलने से राहुल गांधी के एटम बम का फ्यूज उड़ गया है। विज के अनुसार, फर्जी मतदाताओं की पैरवी वही नेता कर रहे हैं जो स्वयं “फर्जी” हैं।

चार किताबें पढ़ लेने से कोई संत नहीं बन जाता- विज

 कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के कुछ बयानों पर सोशल मीडिया और समाज में विवाद खड़ा हुआ है। इस पर विज ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कथावाचक और संत में जमीन-आसमान का अंतर है। कथावाचक कोई भी व्यक्ति चार किताबें पढ़कर बन सकता है, लेकिन संत वो होते हैं जिन्होंने आत्मिक और नैतिक रूप से उच्च स्थिति प्राप्त की हो, जिन्होंने ईश्वर से एकाकार कर लिया हो।