




अनिल विज ने कहा कि इस बार चुनाव में राष्ट्रीय नेताओं को बुलाने के बजाय उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर जोर दिया और अपने विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को जनता के बीच पेश किया। उनका आत्मविश्वास इस बात से साफ था कि इस बार वे पूरी तरह से नीति आधारित तरीके से चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे थे। उनका मानना था कि किसी पार्टी या नेता का चुनावी प्रदर्शन उस क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों पर ही निर्भर करता है, न कि बड़े राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर।
इस चुनाव को काफी चुनौतीपूर्ण बताते हुए विज ने कहा कि कई ताकतें मिलकर उन्हें हराने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि आप लोगों की ताकत ने उन्हें हरा दिया और इस परिणाम ने साबित कर दिया कि जनता को उनके काम पर भरोसा है। हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनना इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। विज ने कहा, “हमारी एकता और हमारे काम ने हवा का रुख बदल दिया और आज हरियाणा में तीसरी बार हमारी सरकार बनी है।”
उन्होंने इस चुनाव में अपनी रणनीति पर भी जोर दिया। इससे पहले के चुनावों में प्रचार की कमान कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं के हाथ में होती थी, जिससे काम का समन्वय बिखरा रहता था। इस बार विज ने अंबाला छावनी में 14 जोन बनाए थे और हर जोन के मुखिया को उनके क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे चुनाव कार्य में बेहतर समन्वय और रणनीति बनी, जिससे वे चुनाव प्रचार में पूरी तरह सफल रहे। *जनता के बीच सक्रियता और चुनावी निष्ठा*




