Inkhabar Haryana, Anil Vij on Pakistan: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर पाकिस्तान और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। विज ने पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था और बदलते बयानों को लेकर उसे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “पाकिस्तान ने तो बिकना ही है।” इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस, पाकिस्तान की शह पर देश के युद्ध नायकों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है।
पाकिस्तान की हालत पर तंज
मीडिया से बातचीत करते हुए अनिल विज ने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहां रोजमर्रा की चीजें जैसे आटा, दाल, चावल, आलू तक आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब देखना ये है कि कौन-कौन पाकिस्तान को खरीदने मैदान में उतरता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिंध जैसे कई इलाके अब पाकिस्तान से अलग होना चाहते हैं, इसलिए उन्हें नहीं लगता कि पाकिस्तान अब एकजुट रह पाएगा।
कांग्रेस पर किया तीखा प्रहार
अनिल विज ने कांग्रेस पार्टी द्वारा देशभर के नेताओं की बैठक बुलाकर ‘टीम 140’ बनाने की योजना पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को ये तकलीफ हो रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में भारत ने इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दुश्मनों के ठिकानों को तबाह किया गया है, जो कांग्रेस को हज़म नहीं हो रहा। इसलिए वह हमारे वीर सैनिकों को अपमानित करने की कोशिश कर रही है।”
BSF की कार्रवाई को बताया साहसिक कदम
जम्मू सीमा पर BSF द्वारा पांच पाकिस्तानी चौकियों और एक आतंकवादी लॉन्च पैड को नष्ट किए जाने पर अनिल विज ने कहा कि यह कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कह दिया था कि जब तक आतंकवाद का खात्मा नहीं होता, लड़ाई जारी रहेगी। प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट कर दिया है कि सीजफायर का मतलब युद्ध खत्म नहीं, बल्कि उग्रवाद खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।”
पाकिस्तान के ‘संवाद प्रस्ताव’ पर भी उठाए सवाल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा भारत के साथ शांति वार्ता की पेशकश पर अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वाले तो रोज नए-नए ख्याली पुलाव पका रहे हैं। उनकी बातों पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि हर दिन उनके बयान बदलते हैं।
राज्य में श्रमिकों के लिए बड़ी घोषणा
प्रदेश के श्रमिकों के हित में भी अनिल विज ने एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 26 नए श्रम न्यायालय स्थापित किए जाएंगे, जिनकी स्वीकृति मिल चुकी है। विज का कहना है कि इन अदालतों के गठन से मज़दूरों को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उनका समय और श्रम दोनों बचेंगे।