भिवानी दौरे में चौटाला का राजनीतिक तेवर
INLD विधायक अर्जुन चौटाला 8 अगस्त को भिवानी जिले के बवानीखेड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने जलभराव से प्रभावित एक दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। इस दौरे के दौरान वे पूरी तरह से सक्रिय और मुखर नजर आए। किसानों की दुर्दशा से लेकर कानून व्यवस्था तक, हर मुद्दे पर उन्होंने मौजूदा सरकार को घेरा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विवादित टिप्पणी
भिवानी में मीडिया से बात करते हुए अर्जुन चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को “पियक्कड़ कौआ” और “बेवड़ा आदमी” बताते हुए कहा कि एक शराबी व्यक्ति पंजाब जैसे राज्य को चला रहा है। भरोसा नहीं, वह कितनी घूंट मारकर आ जाए और क्या कह दे। उन्होंने व्यंग्य में एक चुटकुला भी सुनाया, जिसमें पंजाब की हालत को एक प्यासे कौए की कहानी से जोड़ा, लेकिन उसे शराब के संदर्भ में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पिरोया।
अर्जुन चौटाला का SYL पर दो टूक
चौटाला ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर सरकार से सख्ती की मांग करते हुए कहा कि यह हरियाणा का वैधानिक अधिकार है और इसका सबसे बड़ा लाभ भिवानी जैसे सूखाग्रस्त जिलों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब पानी की किल्लत आती है, तो परेशानी क्या होती है, ये हर किसान जानता है। यह राजनीति का विषय नहीं, अस्तित्व का विषय है।
50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
भिवानी में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के बाद चौटाला ने कहा कि उन्होंने 12 गांवों का दौरा किया है और हालात बेहद खराब हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। यमुनानगर में प्रधानमंत्री की रैली के चलते खेतों में हुई क्षति के लिए किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया। अगर रैली के लिए मुआवजा मिल सकता है, तो यहां ड्रेन ओवरफ्लो और सरकारी लापरवाही से बर्बाद हुई फसलों के लिए क्यों नहीं?
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बाजारों में DAP खाद की भारी किल्लत है और किसान दर-दर भटक रहे हैं। सरकार सिर्फ कहती है कि हम देंगे, लेकिन देने और वाकई में देने में फर्क होता है। अगर सरकार वास्तव में किसान हितैषी है तो दिखाए।
कांग्रेस पर भी तीखा हमला
कांग्रेस को लेकर अर्जुन चौटाला ने तंज कसा कि वे आज तक सदमे से नहीं निकल पाए हैं। जब विधानसभा का बजट सत्र चला, तब पूरी कांग्रेस नदारद थी। उस दौरान मैं इकलौता विपक्षी विधायक था। कांग्रेस तो मान बैठी थी कि सरकार उनकी ही बनने वाली है। रथ चला दिए, लेकिन घोड़े भाग गए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी नसीहत दी कि वे सदमे से बाहर निकलें और विपक्ष की भूमिका निभाएं, वरना INLD अकेले यह जिम्मेदारी उठाएगा।
कानून व्यवस्था पर चिंता
राज्य में बढ़ते अपराधों और राजनीतिक धमकियों को लेकर भी चौटाला ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पूर्व मंडल अध्यक्ष के बेटे की हत्या से लेकर आम आदमी तक, कोई सुरक्षित नहीं है। धमकियां मिल रही हैं, और इसका मतलब है कि कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। हरियाणा को आज एक कमजोर सरकार चला रही है, और राज्य धीरे-धीरे जंगलराज की ओर बढ़ रहा है।