Inkhabar Haryana, Bhupinder Hooda on Farmers Compensation of Haryana: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को रोहतक में प्रेस को संबोधित करते हुए एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल स्व. सत्यपाल मलिक को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, वहीं दूसरी ओर हरियाणा की मौजूदा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने इस दोरान स्व. सत्यपाल मलिक को याद करते हुए कहा कि वे सच्चे जननेता थे, जिन्होंने हमेशा किसानों, जवानों और आम जनता की बात की। उनके जाने से देश ने एक निडर और सच्चा बोलने वाला नेता खो दिया है।
HUDDA का बताया मतलब
विधानसभा में ‘हुड्डा डिपार्टमेंट’ को लेकर उठे विवाद पर जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि ये कोई हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HUDA) नहीं है। मेरा HUDDA मतलब है हरियाणा ओवरऑल डेवलपमेंट अथॉरिटी। मेरा मकसद पूरे प्रदेश का समग्र विकास रहा है, न कि केवल शहरी क्षेत्रों का। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में गाँव, किसान, युवा और मजदूर — सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनीं और विकास हुआ।
सरकार पर बड़ा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य के कई जिले जैसे भिवानी, रोहतक, हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र और अंबाला में हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। इसके पीछे प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बारिश से पहले जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। गाँवों में नालों की सफाई नहीं हुई, न ही शहरों में सीवरेज सिस्टम की देखरेख हुई। इसी कारण फसलें बर्बाद हो गई हैं।
हुड्डा ने कहा कि इस बार की खरीफ फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है और आने वाले रबी सीजन की भी कोई उम्मीद नहीं दिख रही। किसानों को हो रहे नुकसान पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत गिरदावरी कराई जाए और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सिर्फ खेत नहीं, शहर भी बेहाल- हुड्डा
हुड्डा ने कहा कि शहरों की हालत भी गाँवों से अलग नहीं है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि जनता बीमारियों की चपेट में आ रही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नालियां जाम हैं, सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है।
जनहित के मुद्दों से भटकी सरकार
अपने वक्तव्य के अंत में हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार जनहित के मुद्दों से पूरी तरह भटक चुकी है। सिर्फ आंकड़ों और इवेंट्स से विकास नहीं होता। जब तक गाँव, खेत और किसान मजबूत नहीं होंगे, तब तक हरियाणा आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि स्थिति की गंभीरता को समझे और बिना देरी के राहत कार्य शुरू करे, ताकि किसान, मजदूर और आम जनता को राहत मिल सके।