Advertisement
Advertisement
होम / Bhupinder Singh Hooda: नेहरू को लेकर मनोहर लाल के बयान पर भूपेंद्र हुड्डा का पलटवार, कहा -“जो खुद एक्सीडेंटल सीएम हैं, उन्हें ऐसा कहना शोभा नहीं देता”

Bhupinder Singh Hooda: नेहरू को लेकर मनोहर लाल के बयान पर भूपेंद्र हुड्डा का पलटवार, कहा -“जो खुद एक्सीडेंटल सीएम हैं, उन्हें ऐसा कहना शोभा नहीं देता”

BY: • LAST UPDATED : January 13, 2025
Inkhabar Haryana, Bhupinder Singh Hooda: हरियाणा के पूर्व CM और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विवादित बयान पर तीखा पलटवार किया है। मनोहर लाल ने हाल ही में पंडित जवाहरलाल नेहरू को “एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर” कहकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। इस पर हुड्डा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो खुद “एक्सीडेंटल चीफ मिनिस्टर” बने हैं, उन्हें दूसरों के लिए ऐसा कहना शोभा नहीं देता।

फसलों की गिरदावरी और मुआवजे की मांग

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को अपने रोहतक स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को संविधान निर्मात्री सभा का चेयरमैन बनाकर जो सम्मान दिया है, वह किसी और पार्टी ने नहीं दिया।

हुड्डा ने हरियाणा सरकार से मांग की कि प्रदेश में बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाई जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान उनसे मिलकर अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी सुनवाई में विफल रही है।

Advertisement

किसान आंदोलन और केंद्र सरकार पर निशाना

किसान आंदोलन को लेकर हुड्डा ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने किसान नेता बलदेव सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती तबीयत पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को समय रहते समाधान निकालना चाहिए।

हरियाणा में बढ़ते अपराधों पर सरकार को घेरा

भूपेंद्र हुड्डा ने मौजूदा हरियाणा सरकार पर अपराध रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं दिनोंदिन बढ़ रही हैं, और सरकार इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

भूपेंद्र हुड्डा के इन तीखे बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उनके आरोपों ने न केवल राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।