




कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से किसानों के लिए स्वामीनाथन फार्मूले के तहत एमएसपी लागू करने की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय उनकी लागत को कई गुना बढ़ा दिया।”
हुड्डा ने बीजेपी और अन्य पार्टियों पर किसानों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों को केवल आश्वासन देती है, जबकि उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं करती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी के शासित राज्यों में किसानों को वह लाभ नहीं मिल रहा है, जो कांग्रेस के शासनकाल में हरियाणा के किसानों को मिला था।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हरियाणा के किसानों को देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाई थी, जो मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट थी। लेकिन आज बीजेपी के किसी भी राज्य में ऐसी रियायतें लागू नहीं हैं।
किसान नेता डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए हुड्डा ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ अपने अधिकार मांग रहे हैं और सरकार को उनके साथ संवाद कर समाधान निकालना चाहिए।
हुड्डा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार किसानों की उपेक्षा करती रही, तो इसका खामियाजा उसे आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने किसानों के संघर्ष को लोकतंत्र और समाज के लिए एक आवश्यक आंदोलन बताया।




