Inkhabar Haryana, Chautala Family Feud: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर चौटाला परिवार के अंदरूनी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर उनके दोनों बेटों अजय सिंह चौटाला और अभय सिंह चौटाला के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। इस बार विवाद की जड़ है डॉ. अजय सिंह चौटाला का वह बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि अब जननायक जनता पार्टी (जजपा) के सभी पोस्टरों पर उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला की तस्वीर लगाई जाएगी। इस फैसले ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि चौटाला परिवार के अंदर भी तनाव बढ़ा दिया है।
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अजय के फैसले पर अभय का सख्त विरोध
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और ओमप्रकाश चौटाला के छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला ने अजय के इस कदम को नकारते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि जो लोग पहले ओमप्रकाश चौटाला और इनेलो के साथ गद्दारी कर चुके हैं, उन्हें उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अभय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक फोटो का मामला नहीं है, बल्कि यह चौटाला की विरासत और राजनीतिक पहचान से जुड़ा मामला है।
क्या हैं पूरा मामला?
यह विवाद कोई नया नहीं है। साल 2018 में जब इनेलो में अंदरूनी कलह के चलते विभाजन हुआ था, तब अजय सिंह चौटाला और उनके बेटे दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला ने पार्टी से अलग होकर जननायक जनता पार्टी (JJP) बनाई थी। उस समय से ही इनेलो और जजपा के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। ओमप्रकाश चौटाला तब इनेलो के प्रमुख बने रहे और उनके निधन के बाद पार्टी की कमान अभय सिंह चौटाला को सौंपी गई। समाज के बुजुर्गों और कार्यकर्ताओं ने रस्म पगड़ी के दौरान उन्हें चौटाला परिवार का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित किया।
एकजुटता की कोशिश और असफलता
चौटाला परिवार को फिर से एक करने की कोशिशें भी हुईं। जब ओमप्रकाश चौटाला का निधन हुआ, तो समाज के वरिष्ठ लोगों ने दोनों भाइयों को साथ लाने की कोशिश की। उस समय अजय सिंह ने कदम बढ़ाए भी, लेकिन अभय सिंह ने यह कहते हुए किसी भी तरह का समझौता करने से इंकार कर दिया कि इनेलो का बिखराव अजय सिंह और उनके बेटों की वजह से हुआ था। उनका मानना है कि अगर पार्टी टूटती नहीं, तो आज इनेलो हरियाणा में सत्ता में होती।
जजपा का गिरता ग्राफ, इनेलो की उम्मीदें
साल 2019 के विधानसभा चुनाव में जजपा ने 10 सीटें जीतकर भाजपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी। लेकिन 2024 के चुनाव में जजपा पूरी तरह से साफ हो गई, जबकि इनेलो ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। अब अजय सिंह द्वारा ओमप्रकाश चौटाला की फोटो को पोस्टर पर लगाने का फैसला उनकी गिरती राजनीतिक पकड़ को बचाने का प्रयास माना जा रहा है।