




CM सैनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार यमुना में जहरीला पानी छोड़ रही है, जबकि वॉटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लिए गए सैंपल में किसी भी प्रकार का जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल झूठी राजनीति का हिस्सा हैं और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 10 साल पहले दिल्ली के लोगों से कई वादे किए थे, लेकिन वे वादे अधूरे रह गए। अब चुनावी मौसम में वे फिर से झूठ की राजनीति कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
CM ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पिछली चार सैंपल रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करने से पहले यमुना का पानी सभी मानकों पर खरा उतरता है। 28 जनवरी 2025 की अमोनिया नाइट्रोजन रिपोर्ट के अनुसार, यमुना के जल में बीडीएल (डीएल=0.5) स्तर दर्ज किया गया, जो पूरी तरह सुरक्षित है। इससे पहले भी 16 जनवरी, 17 दिसंबर और 26 नवंबर 2024 को लिए गए सैंपल में जल की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई थी।
उन्होंने कहा कि जब यमुना दिल्ली से होकर आगे हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद क्षेत्रों में प्रवेश करती है, तब पानी की स्थिति अत्यधिक खराब हो जाती है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि जल प्रदूषण की समस्या दिल्ली के भीतर मौजूद है, न कि हरियाणा से आने वाले जल में।
CM नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी की सफाई के नाम पर केंद्र सरकार से दिल्ली को मिले 8,500 करोड़ रुपये की राशि पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह धनराशि सीवरेज और जल शुद्धिकरण के लिए दी गई थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 10 साल पहले यमुना नदी को स्वच्छ करने का वादा किया था, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। दिल्ली की गलियां जलभराव से परेशान हैं, सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप है, और यमुना की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
CM ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए हरियाणा और दिल्ली के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल पहले भी पराली और जल प्रदूषण जैसे मुद्दों पर हरियाणा पर झूठे आरोप लगाते रहे हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है।




