




सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का विकास केवल औद्योगिकीकरण के माध्यम से ही संभव है और राज्य की समृद्धि व प्रगति के लिए औद्योगिक संस्थानों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है और इस प्रक्रिया में हरियाणा का अहम योगदान होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आगामी बजट में दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ-साथ वर्तमान आवश्यकताओं का भी ध्यान रखेगी।
बैठक में विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने, और औद्योगिक नीति में आवश्यक सुधार की बातें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सहानुभूति जताते हुए आश्वासन दिया कि आगामी बजट में इन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बजट की तैयारियों के लिए समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि हर नागरिक की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने जानकारी दी कि इस बार बजट तैयार करने के लिए एक नई पहल की गई है। अब हरियाणा के नागरिक और विभिन्न संस्थाएं ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुझाव देने के लिए एक विशेष पोर्टल (https://bamsharyana.nic.in) तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।
वित्त, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि पूर्व बजट परामर्श बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कई सफल योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें हरहित स्टोर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्टेम लैब, और सुपर 30 जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन पहलों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक अंशज सिंह और एचएसआईडीसी के एमडी सुशील सारवान सहित कई प्रमुख अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद थे। इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि हरियाणा का उद्योग जगत राज्य की समृद्धि के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।




