




Inkhabar Haryana, CM Nayab Saini on Shibu Soren Death: झारखंड की राजनीति के सबसे प्रखर आदिवासी नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके शिबू सोरेन अब इस दुनिया में नहीं रहे। ‘गुरुजी’ और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से लोकप्रिय 81 वर्षीय शिबू सोरेन ने आज सुबह 8:48 बजे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थे और 19 जून 2025 से अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती थे।
जानकारी के अनुसार, शिबू सोरेन की तबीयत पिछले कुछ वर्षों से लगातार बिगड़ रही थी। उम्र संबंधी बीमारियों और गुर्दे की समस्याओं के चलते उन्हें 19 जून को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत स्थिर नहीं होने के कारण उन्हें आईसीयू में विशेष निगरानी में रखा गया था, लेकिन आज सुबह उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
शिबू सोरेन ने 1970 के दशक में झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की थी और आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनका जीवन संघर्ष और सिद्धांतों का प्रतीक रहा, जिसमें उन्होंने कई बार जेल और राजनीतिक कठिनाइयों का भी सामना किया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में कोयला मंत्री जैसे अहम पद पर भी कार्य कर चुके थे। आदिवासी चेतना को राष्ट्रीय राजनीति में लाने का श्रेय भी काफी हद तक उन्हें ही दिया जाता है।
देशभर के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन जी का निधन बहुत दुःखद है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए किया गया उनका संघर्ष सदैव याद किया जाएगा। मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने एवं श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूँ।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन जी का निधन बहुत दुःखद है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए किया गया उनका संघर्ष सदैव याद किया जाएगा।
मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने एवं श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता…
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) August 4, 2025




