




मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बिल न केवल प्रशासनिक खर्चों को कम करेगा, बल्कि शासन को स्थायित्व भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों के कारण विकास कार्य रुक जाते हैं और सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। अब एक साथ चुनाव होने से देश के विकास को नई गति मिलेगी।
किसानों के ‘रेल रोको’ अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार से अपील की कि वह किसानों से संवाद स्थापित कर उनके मुद्दों का समाधान करे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को हल करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासित राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना को सलाह दी कि वे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में कई योजनाएं लागू की हैं। एमएसपी और भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस अपने कार्यकाल में जनहित में काम करती, तो जनता का समर्थन उन्हें मिलता। उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर भी तंज कसा। कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह द्वारा प्रदेशाध्यक्ष उदयभान का इस्तीफा मांगने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस की गुटबाजी का परिणाम है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बीच खींचतान जनता के सामने कांग्रेस की असलियत उजागर करती है।
सैनी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का दिल्ली में प्रदर्शन करना केवल दिखावा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता का समर्थन तभी मिलता, जब वह सत्ता में रहते हुए उनके लिए काम करते। आज वे केवल अपनी छवि सुधारने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।




