Inkhabar Haryana, Councilor Kashiram forced to walk in Dirty Water: हरियाणा के नारनौल शहर में बीते दिनों एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें कुछ युवकों ने वार्ड नंबर 26 के पार्षद काशीराम के साथ जबरदस्ती करते हुए उन्हें गंदे सीवर के पानी में पैदल चलने पर मजबूर कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया, जिससे मामला और ज्यादा गरमा गया है। अब यह मुद्दा तूल पकड़ चुका है, और नगर परिषद के सभी पार्षद इस घटना के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
क्या हैं पूरा मामला?
29 मई की शाम करीब 5 बजे की बात है। पार्षद काशीराम, जो उस समय तबीयत खराब होने के कारण अपने घर पर आराम कर रहे थे, को मोहल्ला न्यू कॉलोनी जमालपुर निवासी बलराम नामक युवक ने तीन बार फोन किया। जब पार्षद ने फोन नहीं उठाया, तो बलराम खुद अपने एक साथी के साथ उनके घर पहुंच गया।
पार्षद के अनुसार, उन्होंने जब बलराम से बात की तो उसने गली में भरे गंदे पानी की समस्या की शिकायत की और उन्हें मौके पर चलने को कहा। पार्षद की तबीयत खराब थी, लेकिन युवक उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर ले गए और गली में भरे गंदे पानी में पैदल चलने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान वहां पांच-छह अन्य युवक भी मौजूद थे, जिनमें से अधिकतर उनके वार्ड से संबंधित नहीं थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पार्षद की छवि को ठेस पहुंची और यह मामला सार्वजनिक स्तर पर गूंजने लगा।
नगर परिषद में विरोध और एकजुटता
इस शर्मनाक घटना के विरोध में आज नगर परिषद कार्यालय में शहर के सभी पार्षदों की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में चेयरपर्सन कमलेश सैनी भी मौजूद रहीं। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सिर्फ पार्षद काशीराम के नहीं, बल्कि पूरे पार्षद समुदाय के सम्मान पर हमला है। चेयरपर्सन ने बताया कि जिस तरह से पार्षद को जबरदस्ती उठाकर गंदे पानी में चलने पर मजबूर किया गया, वह निंदनीय है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचती है।
एसपी को सौंपा गया शिकायत पत्र
बैठक के बाद सभी पार्षदों और चेयरपर्सन ने मिलकर एसपी कार्यालय का रुख किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत पत्र पर नगर परिषद के सभी पार्षदों और चेयरपर्सन के हस्ताक्षर थे। शिकायत में मांग की गई कि इस तरह की घटनाओं को दोबारा न दोहराया जाए और आरोपियों पर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई हो।
पार्षद काशीराम ने बताया कि उन्होंने पहले ही गंदे पानी की समस्या को लेकर नगर परिषद में शिकायत दी हुई थी। बावजूद इसके, युवकों ने न सिर्फ उनकी बात नहीं मानी, बल्कि उनके साथ गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया। यह एक जनप्रतिनिधि के साथ किया गया अत्यंत अपमानजनक कृत्य है।