Inkhabar Haryana, Deepender Hooda: हरियाणा के करनाल में पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों के मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। दीपेंद्र हुड्डा ने किसानों के आंदोलन को लेकर सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को इंसानियत दिखाते हुए किसानों से बातचीत करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने बीजेपी सरकार पर विपक्ष की भूमिका को नजरअंदाज करने और अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि यह आंदोलन उन्हीं मांगों को लेकर चल रहा है, जिनका सरकार ने किसान आंदोलन खत्म करवाते समय लिखित आश्वासन दिया था। उन्होंने सरदार जगजीत सिंह दल्लेवाल के आमरण अनशन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस पर तुरंत कदम उठाने चाहिए और किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर कोई अपनी बात दिल्ली जाकर रखता है। फिर जब किसान दिल्ली जाते हैं, तो सरकार को परेशानी क्यों होती है? उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ बातचीत जल्द से जल्द होनी चाहिए, क्योंकि उनके मुद्दे अब तक सुलझाए नहीं गए हैं।
बीजेपी सरकार पर निशाना
चुनावी हार की जिम्मेदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी पर ही निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। लोकसभा चुनाव में पार्टी को 5 सांसद मिले और वोट प्रतिशत में भी वृद्धि हुई। विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन बीजेपी से केवल आधा प्रतिशत वोट के अंतर से पीछे रहा।
उन्होंने बेरोजगारी, नशाखोरी, और जनता के अन्य मुद्दों पर सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए कहा कि इस सरकार में बेरोजगारी बढ़ी है, नशा बढ़ा है, और जनता के मुद्दे जस के तस बने हुए हैं।
कांग्रेस पर आलोचना को खारिज किया
पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और कांग्रेस नेताओं द्वारा पार्टी पर ही सवाल उठाने के मुद्दे पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी के नेता अक्सर कांग्रेस को खत्म होने की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष है जिसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने बीजेपी नेताओं के रवैये को “अहंकारपूर्ण” बताया और कहा कि जनता उनके अहंकार को स्वीकार नहीं करेगी।
नेता प्रतिपक्ष और अडानी मुद्दे पर टिप्पणी
नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर चल रही चर्चा पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है, और सही समय पर इसका फैसला लिया जाएगा। उन्होंने अडानी समूह के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी आगे भी इस मुद्दे पर सवाल उठाती रहेगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास
दीपेंद्र हुड्डा फिलहाल पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और उनमें जोश भरने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर वर्ग की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी को मजबूत करने का प्रयास जारी रहेगा। हालांकि, यह देखना होगा कि विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में कितना जोश भर पाता है और पार्टी आगामी चुनौतियों का सामना कैसे करती है।