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Deepender Hooda on Haryana BPL Card Controversy: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में BPL कार्ड पर उठाए सवाल, कहा- “1947 से ज्यादा गरीबी…”

BY: • LAST UPDATED : August 28, 2025
Inkhabar Haryana, Deepender Hooda on Haryana BPL Card Controversy: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले गरीबों की संख्या को कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया और चुनाव के बाद उन्हीं गरीबों की सूची से लाखों नाम काट दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल को लेकर भी सरकार की नीतियों पर कड़ा विरोध जताया।

चुनाव से पहले BPL कार्डों की संख्या में विस्फोट

दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि हरियाणा में चुनाव से पहले बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 27 लाख से बढ़कर 51 लाख कर दी गई। उनका आरोप है कि चुनाव जीतने के लिए गरीबों की संख्या को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। चुनाव खत्म होते ही अब तक 10 लाख 44 हजार बीपीएल कार्ड काट दिए गए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 1947 के विभाजन के समय जितनी गरीबी नहीं थी, उससे कहीं ज्यादा गरीबी का चित्रण हरियाणा सरकार ने पिछले चुनाव में दिखाया।

भाजपा की सरकार कैसे बनी?

हुड्डा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार मात्र 22 हजार वोटों के प्रतिशत के सहारे बनी। उनका कहना है कि चुनाव से पहले 20 से 25 प्रतिशत वोटरों को प्रभावित करने के लिए बीपीएल कार्डों का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि चुनाव से पहले बीपीएल कार्ड क्यों अचानक बढ़ाए गए और अब नाम क्यों हटाए जा रहे हैं।

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पुलिस ट्रांसफर पर जातिगत आधार का विरोध

सांसद ने पुलिस विभाग में चल रहे ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने कांस्टेबलों के ट्रांसफर आवेदन के लिए जाति को आधार बनाया है, जो कि पूरी तरह गलत है।हुड्डा ने चेतावनी दी कि अगर यह निर्णय डीजीपी या सचिव स्तर पर लिया गया है तो ऐसे अधिकारी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति और धर्म पूछकर ट्रांसफर लिस्ट तैयार करना असंवैधानिक है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।