




दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश में बनी एकजुटता को सराहा, लेकिन इसके समानांतर भाजपा नेताओं की टिप्पणियों को निराशाजनक बताया। राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के उस बयान पर गहरी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने उन महिलाओं के प्रति संवेदनहीन टिप्पणी की थी जिन्होंने इस ऑपरेशन में अपने पति खोए थे। जिन बहनों ने अपना सिंदूर खोया, उनके बारे में ऐसा कहना बेटियों की मर्यादा को उजाड़ने जैसा है। उन्होंने भाजपा से मांग की कि ऐसे नेताओं पर कड़ी कार्यवाही की जाए और सवाल उठाया कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने अभी तक इस पर संज्ञान क्यों नहीं लिया। हूडा ने कहा कि हरियाणा के सांसद का यह बयान पूरा हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान को ‘निराशाजनक’ बताते हुए दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह जनता की समस्याओं को उठाने गए थे, कोई निजी लाभ या प्रोटोकॉल के लिए नहीं। मुख्यमंत्री को ऐसे बयान नहीं देना चाहिए। अफसरशाही मुख्यमंत्री को गंभीरता से नहीं ले रही क्योंकि सब जानते हैं कि रिमोट दिल्ली में है। हुड्डा ने यह भी कहा कि यह मुद्दा खत्म हो गया था, लेकिन मुख्यमंत्री का दोबारा इस पर टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
दीपेंद्र हुड्डा ने AICC द्वारा हरियाणा में संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाने का स्वागत किया। संगठन के विस्तार हेतु AICC ने जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी है, उसमें स्थानीय नेताओं को भी शामिल किया गया है। मैं इसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने राहुल गांधी के प्रयासों को श्रेय देते हुए कहा कि जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस की भूमिका निर्णायक रही है। सरकार को अब यह बताना चाहिए कि इस जनगणना को अमल में कैसे लाया जाएगा।




