




विधायक देवेंद्र अत्री ने अपने जनसेवा के संकल्प को निभाते हुए उचाना हलके के कई जरूरतमंद परिवारों की मदद की। उन्होंने बताया कि घासो गांव के एक व्यक्ति, जिसकी दो भैंसों की मौत हो गई थी, को 50,000 रुपये का आर्थिक सहायता चेक प्रदान किया। इसी तरह, भगवानपुरा गांव की एक आर्थिक रूप से कमजोर महिला, जिसके तीन बेटियां हैं, को भी 50,000 रुपये का चेक दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहायता उन्होंने अपनी पहली तनख्वाह से दी है।
विधायक अत्री ने कहा कि उचाना हलका मेरा परिवार है और मेरा कर्तव्य है कि मैं अपने परिवार के हर जरूरतमंद सदस्य की सहायता करूं। भाजपा का सच्चा सिपाही होने के साथ-साथ मैं इस हलके का सेवक हूं। मेरी इस पहल का उद्देश्य अंत्योदय की भावना को साकार करना है, जिसमें अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
देवेंद्र अत्री ने अपने पिता, स्वर्गीय चतरभुज अत्री, का जिक्र करते हुए बताया कि वह भी समाजसेवा में अग्रणी थे। मेरे माता-पिता ने हमेशा सिखाया कि जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। आज मैं उनके दिखाए मार्ग पर चल रहा हूं। मेरा उद्देश्य है कि उचाना के लोगों को यह महसूस हो कि उनका बेटा और भाई विधायक बना है, जो उनकी भलाई के लिए काम कर रहा है।
विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी नीतियों और कार्यशैली से वह प्रेरणा लेते हैं। “हमारे प्रधानमंत्री का डंका आज पूरे विश्व में बज रहा है। उनके आदर्शों पर चलकर हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का समर्पण और लोगों से सीधा संवाद हमें सीखने की प्रेरणा देता है।”
इस पहल के बाद उचाना के लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार ऐसा विधायक देखा है, जो अपनी तनख्वाह से जनता की मदद करता है। उनकी इस नई पहल ने उचाना में राजनीति की एक नई मिसाल कायम की है।




