Inkhabar Haryana, Digvijay Chautala Arrest: हरियाणा के चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी में मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब जननायक जनता पार्टी (जजपा) की छात्र इकाई इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (इनसो) का 23वां स्थापना दिवस मनाने पहुंचे जजपा नेता दिग्विजय चौटाला और इनसो कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया। प्रशासन की सख्ती और पुलिस की तैनाती के बीच दिग्विजय चौटाला सहित कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या हैं पूरा मामला?
इनसो ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण, शहीदों को श्रद्धांजलि, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा पर चर्चा और चौधरी देवीलाल की नीतियों को लेकर संवाद करने जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाई थी। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। प्रशासनिक इनकार के बावजूद, दिग्विजय चौटाला व इनसो कार्यकर्ता दोपहर के समय कार्यक्रम स्थल—पुराने कैंपस—के बाहर पहुंचे।
पुलिस की तैनाती और गिरफ्तारी
सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। भारी पुलिस बल सुबह से ही विश्वविद्यालय के पुराने गेट पर तैनात था। जैसे ही दिग्विजय चौटाला और कार्यकर्ताओं ने अंदर घुसने की कोशिश की, बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका गया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दिग्विजय चौटाला ने स्वयं को पुलिस के हवाले कर दिया और अन्य इनसो कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दे दी।
दिग्विजय चौटाला के तीखे आरोप
गिरफ्तारी से पहले दिग्विजय चौटाला ने मीडिया से बात करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लोकतंत्र की हत्या कर रहा है और छात्र हितों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय अब “आरएसएस का अड्डा” बन चुका है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पौधारोपण, शहीदों को सम्मान, और बाबा साहेब की विचारधारा को छात्रों तक पहुंचाना था। लेकिन हमें विश्वविद्यालय में घुसने तक नहीं दिया गया। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल
दिग्विजय चौटाला ने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना पिछली सरकारों के दौर से करते हुए कहा कि जब जजपा भाजपा के साथ गठबंधन में थी या जब भूपेंद्र हुड्डा की सरकार थी, तब कभी इनसो जैसे संगठन को रोका नहीं गया। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ इनसो को टारगेट किया जा रहा है, जबकि असली खतरा आरएसएस जैसी विचारधारा से है, जो शैक्षणिक संस्थानों में घुसपैठ कर रही है।