




InKhabar Haryana, Doctor Shortage: जिला स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी गंभीर समस्या बन गई है। विभाग के पास 155 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 109 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें से 46 पद खाली हैं, और 12 चिकित्सक कई सालों से गैर हाजिर हैं। इन चिकित्सकों को वापस नौकरी में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया है, लेकिन अब तक किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया।
इस कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। खासकर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा, आईसीयू की सुविधाएँ भी केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, और कई मशीनें खराब होने के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा।
नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण विभागों में केवल एक-एक डॉक्टर तैनात हैं, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। मौजूदा स्थिति में अस्पताल में 55 चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) के पद हैं, लेकिन केवल 13 कार्यरत हैं। इसी तरह, 5 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) में से 2 पद रिक्त पड़े हैं, जिससे अस्पताल की सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
जिले के 22 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों की कमी से लोग परेशान हैं, इनमें से 11 केंद्रों पर कोई डॉक्टर नहीं है। इसके कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा है। हालांकि आईसीयू पूरी तरह तैयार है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण इसे चालू नहीं किया जा सका। गंभीर स्थिति में मरीजों को दूसरे जिलों या बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति पर जिला स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया गया है, ताकि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ की जा सकें।




