Inkhabar Haryana, Gokul Setia on CEO Subhash Chandra: हरियाणा की सियासत में एक ऐसा नजारा देखा, जिसने प्रशासन और राजनीति दोनों हलकों में हलचल मचा दी। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र के बीच टकराव का मामला हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया। मामला गांव नटर (सिरसा विधानसभा क्षेत्र) से शुरू हुआ और सीधा जिला मुख्यालय तक पहुंचा।
क्या हैं पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब विधायक गोकुल सेतिया अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव नटर में सफाई व्यवस्था और बरसाती पानी की निकासी का जायजा लेने पहुंचे। गांव की बदहाल स्थिति गंदगी और पानी निकासी की समस्या देखकर विधायक visibly गुस्से में आ गए। उन्होंने मौके पर बुलाए गए अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
इसके बाद विधायक ने जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र को फोन मिलाया। बताया जाता है कि पहली ही कॉल पर सीईओ ने फोन जल्दी काट दिया। इस रवैये से नाराज़ गोकुल सेतिया ने दोबारा संपर्क किया और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा। चर्चा के दौरान डॉ. चंद्र ने कथित तौर पर विधायक से कहा, “मैं तेरा गुलाम नहीं हूं।” इस जवाब से विधायक और भड़क उठे।
सेतिया ने दी चेतावनी
विधायक ने चेतावनी दी कि वह उनके दफ्तर पहुंचकर उन्हें सबक सिखाएंगे। जैसे ही यह बात सीईओ तक पहुंची, वह दफ्तर से निकलकर वहां से रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार, गोकुल सेतिया भी अपनी गाड़ी लेकर उनके पीछे लग गए और काफी देर तक दोनों के बीच सड़क पर पीछा चलता रहा। हालांकि बाद में विधायक ने पीछा छोड़ दिया। तनाव बढ़ने के बाद गोकुल सेतिया सीधे एडीसी कार्यालय पहुंचे और वहां आईएएस वीरेंद्र सहरावत से मुलाकात की। उन्होंने सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की।