




सांसद बेनिवाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए, लेकिन किसानों के कर्ज को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि खेती अब घाटे का सौदा बन गई है, जिसके चलते किसान मनरेगा मजदूर बनने को मजबूर हैं।
बेनिवाल ने अग्निवीर योजना को समाप्त करने के लिए एक बड़े आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राजस्थान में पहल के बाद अब पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के युवाओं को साथ लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उनका उद्देश्य सेना में स्थायी भर्ती की प्रक्रिया को बहाल करना है। इसके अलावा, उन्होंने अहीर और गुर्जर रेजीमेंट की मांग पर जोर दिया।
सांसद बेनिवाल ने बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से हुई थी। इस दौरान राजस्थान को समय पर उचित मात्रा में पानी देने के मुद्दे पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि लुधियाना की फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक कचरे के कारण राजस्थान के पीने के पानी में मिलावट हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए पंजाब सरकार ने कनाडा की एक कंपनी के माध्यम से पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।
बेनिवाल ने किसान नेता डल्लेवाल के अनशन मामले में सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह इस मामले को केवल राज्य सरकार पर न छोड़े, बल्कि केंद्र सरकार को भी किसानों के साथ वार्ता के लिए निर्देश दे। उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा जाट समुदाय को ओबीसी वर्ग में शामिल किए जाने के फैसले का स्वागत किया और अन्य आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों को भी आरक्षण देने की मांग की।




