




Inkhabar Haryana, Haryana Assembly Elections: इस बार के हरियाणा विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दल फिलहाल अपने-अपने उम्मीदवार उतारने पर मंथन करते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल इस साल हुए लोकसभा चुनाव के आदर्श नतीजों को भी टिकट देने का एक मापदंड बना रहे हैं। राजनीतिक जानकारों कहना है कि इससे इस बार के चुनाव में कई विधायकों की टिकट पर कैंची चलती दिखाई पड़ सकती है।
लोकसभा चुनाव में फरीदाबाद जिले के पृथला, हथीन और होडल विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर देखने को मिला था। लोकसभा चुनाव में हथीन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र प्रताप, भाजपा उम्मीदवार कृष्णपाल गुर्जर से 51,724 वोट से आगे थे। इसी तरह होडल में कांग्रेस के उम्मीदवार ने भाजपा के उम्मीदवार से 566 वोट ज्यादा प्राप्त किया था , जबकि पृथला में भी कांग्रेस के उम्मीदवार ने भाजपा के उम्मीदवार को 7,290 वोट से पीछे किया था। हालांकि वर्तमान समय में इन तीनों सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। बहरहाल, चुनाव आयोग के इन आंकड़ों से यह तय हो गया है कि इन क्षेत्रों में कांग्रेस का जनाधार बढ़ा था और भाजपा का प्रभाव कम रहा था। कांग्रेस अपने बढ़ते जनाधार को देखते हुए आगामी चुनावों में और भी मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है।
लोकसभा चुनाव में फरीदाबाद के एनआईटी विधानसभा सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार हार गया था। वंही भाजपा के उम्मीदवार ने यहां कांग्रेस को पछाड़ते हुए 41,690 वोटों से जीत दर्ज की थी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह हार कांग्रेस के लिए एक चेतावनी हो सकती है कि उन्हें अपने इस बार की चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
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