




अनिल विज ने बताया कि 1966 में पंजाब और हरियाणा के अलग होने के समय हरियाणा को विधानसभा में 90 सदस्य मिले थे। उनका कहना था कि अगर परिसीमन होता है, तो अनुमान है कि विधानसभा में सदस्य संख्या बढ़कर 120 हो जाएगी। विज ने यह भी कहा कि अगर सदस्य संख्या बढ़ती है, तो वर्तमान विधानसभा भवन में इन 120 सदस्यों के बैठने के लिए जगह की कमी हो सकती है, इसलिए प्रदेश को जल्द ही एक नए भवन की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा ने इस तैयारी के लिए पहले ही कदम उठा लिए थे।
अनिल विज ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने “झूठ बोलने की यूनिवर्सिटी” बना रखी है। उनका आरोप था कि कांग्रेस के नेताओं को हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने की बजाय चुनाव आयोग और ईवीएम पर दोष लगाने की आदत हो गई है। उन्होंने कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सवाल किया कि जिन सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की, क्या वहाँ ईवीएम ठीक था? विज ने कहा कि अगर कांग्रेस को किसी चुनाव परिणाम से समस्या है, तो उसे मतदान की मांग करनी चाहिए। साथ ही, विज ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा से यह भी कहा कि वे एक वकील हैं, और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उन्हें शोभा नहीं देता।




