




यह मामला इसराना विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले लोहे के बेंच, हैंडपंप और वाटर कूलर से जुड़ा है। जांच में इन परियोजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ। आरोपियों ने लगभग 23 लाख रुपये के गबन की बात स्वीकार भी की है। यह भ्रष्टाचार करीब 3 से 4 करोड़ रुपये तक का हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।
इस मामले में ब्लॉक समिति इसराना के चेयरमैन हरपाल मलिक ने मंत्री कृष्णलाल पंवार को शिकायत दी थी। इसके बाद मंत्री ने मामले की जांच करवाई और घोटाले की पुष्टि होने पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। पंचायत विभाग के निदेशक ने तुरंत प्रभाव से बीडीपीओ विवेक कुमार, जेई ब्रह्मदत्त और विनोद, सहायक सतपाल और लेखाकार दिनेश को निलंबित कर दिया।
जांच में पता चला कि सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले लोहे के बेंच और अन्य सामग्री की खरीद में अनियमितताएं की गईं। आरोपियों ने गबन को छिपाने के लिए करीब 23 लाख रुपये का सामान निजी तौर पर मंगाने की कोशिश की। मंत्री कृष्णलाल पंवार ने इस मामले में हस्तक्षेप कर इस प्रक्रिया को रोका और जिला उपायुक्त के माध्यम से रिकवरी सुनिश्चित की।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने इस कार्रवाई को विभाग में “जीरो टॉलरेंस” की नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर इस प्रकार की कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि राज्य के विकास कार्य पारदर्शी और ईमानदार तरीके से हों। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे, और किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।




