




Inkhabar Haryana, Kuldeep Sharma Exclusive Interview: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा बेबाक अंदाज में अपनी बात रखने के लिए जाने जाते है। हाल ही में उन्होनें इन ख़बर हरियाणा से एक्सक्लूसिव बातचीत के साथ कांग्रेस की कमियों पर खुलकर बात की और वो रोड मैप भी दिखाया जिस पर चल कर कांग्रेस सरकार हरियाणा में मज़बूती से खड़ी रह सकती है।
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कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस की हार को स्वीकार करने से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि मैं स्वीकार करने को तैयार ही नहीं हूं कि कांग्रेस हारी है। कांग्रेस तब हारती जब बीजेपी को 48% और कांग्रेस को 39% वोट मिलता। उनका कहना था कि पार्टी के चेहरे, चुनावी रणनीति और अपनी गलतियों को स्वीकार करने की ताकत हारी है। एंटी इनकंबेंसी इतनी ज्यादा थी कि बीजेपी सीएम बदल रही थी, लेकिन हम कुछ भी नहीं बदल रहे थे। पार्टी में जीत की इच्छा शक्ति की कमी थी।
कुलदीप शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के प्रभारी छुट्टी पर गए थे, जबकि उनकी जिम्मेदारी थी कि वह नेताओं के बीच सामंजस्य बैठाएं और एक ठोस रणनीति बनाएं। शर्मा ने कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी गलती यह थी कि हमें जीतने की इच्छा नहीं थी।
कुलदीप शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान और दीपक बावरिया के बीच आरोप-प्रत्यारोप के मुद्दे पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संगठन की स्थिति पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि पिछले 15 साल से संगठन का निर्माण नहीं किया गया है। संगठन का निर्माण करना कुलदीप शर्मा का काम नहीं था, यह काम जिसका था उसने नहीं किया।
शर्मा ने कहा कि हम तीन चुनाव बिना संगठन के लड़ रहे हैं, जबकि बीजेपी पन्ना प्रमुख और इतने मोर्चा अध्यक्षों के साथ चुनावी मुकाबला कर रही है।
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कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर भी सीधा जवाब दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस में पहले कई बड़े नेता थे, जैसे भजनलाल, पंडित चिरंजी लाल, सरदार हरपाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा जो एकजुट रहते हुए पार्टी के लिए काम करते थे।
लेकिन आज कांग्रेस से इतना बड़ा नेता कौन हो गया।
उनका यह भी कहना था कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को 54 सीटों से बढ़ाकर 100 पर लाकर दिखाया था, लेकिन हरियाणा में इसका लाभ क्यों नहीं उठाया गया, यह एक बड़ा सवाल है। शर्मा ने कहा कि आपस में झगड़े हुए हैं और राहुल गांधी को हाथ मिलवाने पड़ रहे हैं, लेकिन दिल नहीं मिल पाए।
महाराष्ट्र में राहुल गांधी के ‘जाट-नॉन जाट’ बयान पर कुलदीप शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बीजेपी यह सब कुछ कर रही थी तो इसे रोकने का काम किसका था? शर्मा ने इशारों-इशारों में पार्टी की लीडरशिप और चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए, खासकर जाट समुदाय को लेकर बीजेपी की रणनीति के संदर्भ में।
कुलदीप शर्मा ने कैप्टन अजय यादव के बारे में भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कैप्टन अजय यादव हमसे बड़े नेता हैं, वह देश के नेता हैं और थर्ड जनरेशन कांग्रेस मैन हैं। कुलदीप शर्मा ने यह भी बताया कि उन्हें कैप्टन अजय यादव का सम्मान करना चाहिए, और उनके बयान पर गहरी नजर रखी जानी चाहिए।
कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन पर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के मामले में बीजेपी कांग्रेस से बहुत आगे है। शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि जब संगठन की स्थिति मजबूत नहीं होगी, तो चुनावी प्रबंधन कैसे प्रभावी होगा? कुलदीप शर्मा ने यह स्पष्ट किया कि हमारे पास संगठन नहीं है और जब संगठन नहीं होता तो चुनावी रणनीति और प्रबंधन का कोई अर्थ नहीं होता है।




