




Inkhabar Haryana, Kumari Selja: हरियाणा की वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य को “पेपर लीक फैक्टरी” करार दिया है। उन्होंने सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में भाजपा के कार्यकाल में शायद ही कोई परीक्षा बिना विवाद के संपन्न हुई हो।
भाजपा सरकार को “हरियाणा पेपर लीक सेंटर” खोलने के लिए दिल से बधाई। हर परीक्षा को मजाक बनाने और मेहनती युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में इस सरकार ने वाकई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
पारदर्शिता का ढोंग और युवाओं के सपनों को चूर-चूर करने की ऐसी मिसाल शायद ही कहीं और देखने को मिले।… pic.twitter.com/LmfLNHsJlg
Advertisement— Kumari Selja (@Kumari_Selja) January 24, 2025
उन्होंने बताया कि परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं को बदलने, नकल करवाने और पेपर लीक जैसी घटनाएं अब हरियाणा में आम हो चुकी हैं। इन घटनाओं के चलते राज्य को “पेपर लीक फैक्टरी” के नाम से जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा में पारदर्शिता न हो, तो इसका सबसे बड़ा खामियाजा उन प्रतिभावान युवाओं को भुगतना पड़ता है, जो अपनी मेहनत और ईमानदारी के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
MBBS परीक्षा में सामने आए घोटाले को “सबसे बड़ा गुनाह” करार देते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि इस प्रकार की धांधलियां प्रदेश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों को पेपर खोलने, बांटने और उत्तर पुस्तिकाओं को संग्रह करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उन परीक्षा केंद्रों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की, जहां बार-बार अनुचित साधनों का उपयोग होता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि नकल माफिया और भ्रष्ट कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नकल माफिया सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से परीक्षाओं में घोटाले करते आए हैं। इन कर्मचारियों पर कार्रवाई करके ही इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।”
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों और भ्रष्टाचार को खत्म करने में सरकार पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में धांधलियों की अनदेखी सरकार की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाती है। अगर यही स्थिति रही, तो राज्य के युवा निराश होकर अवसरों की तलाश में बाहर जाने को मजबूर होंगे।”
कुमारी सैलजा ने प्रतिभावान अभ्यर्थियों के हक में आवाज उठाते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी और निष्पक्ष हो। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा में अच्छे अंक पाने वाले छात्रों के साथ साक्षात्कार के दौरान अन्याय नहीं होना चाहिए। प्रतिभाओं के साथ विश्वासघात किसी भी राज्य के लिए सबसे बड़ा नुकसान है।




