




कुमारी सैलजा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने देश को वह संविधान दिया है, जो हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है और लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है। लेकिन आज भाजपा और आरएसएस की विचारधारा न तो डॉ. अंबेडकर का सम्मान करती है और न ही उनके योगदान को स्वीकार करती है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे बाबा साहेब का नाम भी सम्मान के साथ नहीं लेते, जो बेहद अपमानजनक है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का दलित विरोधी चेहरा जनता के सामने आ चुका है। यह पार्टी धर्म और जाति की राजनीति कर समाज के भाईचारे को नुकसान पहुंचा रही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि बाबा साहेब दलितों और कमजोर वर्गों के प्रतीक हैं और उनका अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने अपने दस साल के शासन में सिर्फ वादे किए, लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं किया। किसानों के एमएसपी को कानूनी दर्जा देने का वादा आज भी अधूरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल दिखावटी राजनीति में लगी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस में बदलाव और नेता विपक्ष के चयन पर उन्होंने कहा कि यह हाईकमान का विषय है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन की कमजोरियों के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की दलित विरोधी नीतियों और अंबेडकर के अपमान के खिलाफ जनता को जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी नागरिक संविधान और उसके रचयिता का अपमान सहन नहीं करेगा।




