




कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से अटेली से महेंद्रगढ़ के बीच की सड़क का उल्लेख किया, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
इसी तरह, पलवल शहर की सड़कों की स्थिति भी बेहद खराब है। बड़कली चौक से पिनगवां-पुन्हाना होते हुए होडल तक करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर बने गड्ढे हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। इसके अलावा, सिरसा, फतेहाबाद, जींद और कैथल जिलों की सड़कों की हालत भी बेहद चिंताजनक है। गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग खासतौर पर खराब स्थिति में हैं, जहां वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सड़कें किसी भी प्रदेश की खुशहाली और विकास का प्रतीक होती हैं। लेकिन हरियाणा में भाजपा सरकार ने गांवों और शहरों को जोड़ने वाली सड़कों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कभी प्रदेश के गांवों और शहरों में सड़कों का मजबूत जाल हुआ करता था, लेकिन अब इनकी हालत बदतर हो चुकी है।
उन्होंने केंद्र सरकार की PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल नेशनल हाइवे और टोल सड़कों तक सीमित है। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर हर साल बढ़ने वाले शुल्क ने वाहन चालकों की जेब पर भारी बोझ डाला है। वहीं, लिंक रोड और स्टेट हाइवे की हालत बद से बदतर हो गई है।
कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अगर सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो कांग्रेस सड़क से संसद तक इसका विरोध करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्टेट हाइवे, संपर्क मार्ग और गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि प्रदेशवासियों को राहत मिल सके।




