




कुमारी सैलजा ने बताया कि हरियाणा में नशे का स्वरूप लगातार खतरनाक होता जा रहा है। पहले जहां अफीम, गांजा, और चरस का नशा होता था, अब युवा हेरोइन, चिट्टा, स्मैक, और ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक पदार्थों की गिरफ्त में हैं। इसके साथ ही मेडिकल नशा भी बड़ी मात्रा में फैल रहा है, जो आसानी से उपलब्ध है लेकिन महंगी कीमतों पर बेचा जा रहा है।
सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। अधिकारियों और पुलिस को यह पता होता है कि उनके क्षेत्र में कौन नशे का कारोबार कर रहा है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि सरकार को बिना किसी भेदभाव के सख्त कदम उठाने होंगे।
नशे के कारण प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। युवा चोरी, लूट और डकैती जैसे अपराधों में लिप्त हो रहे हैं। इसके अलावा, नशे के चलते परिवारों में हिंसा और हत्या के मामले भी बढ़ रहे हैं। प्रदेश में एचआईवी और हेपेटाइटिस सी जैसी बीमारियां भी नशे के कारण तेजी से फैल रही हैं।
सिरसा के रोड़ी क्षेत्र में हाल ही में नशे से मौत के चार मामले सामने आए हैं। बीते दिनों एक युवक का शव झाड़ियों में मिला, जिसके पास से चिट्टे का इंजेक्शन बरामद हुआ। नववर्ष के पहले दिन भी एक युवक की ओवरडोज से मौत हो गई। यह दर्शाता है कि नशे का कारोबार अब बेकाबू हो चुका है।
कुमारी सैलजा ने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि नशा तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जनसहयोग को भी इस लड़ाई में अहम बताया। साथ ही, मुख्यमंत्री से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।




