Inkhabar Haryana, Kumari Selja: कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर करारा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया 130वां संविधान संशोधन बिल लोकतंत्र के लिए खतरनाक कदम है, जो एक तरह से देश में अघोषित इमरजेंसी लागू करने जैसा है। वहीं हरियाणा सरकार द्वारा 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा को उन्होंने सिर्फ पंजाब चुनावों को प्रभावित करने की राजनीतिक चाल करार दिया।
130वां संविधान संशोधन बिल लोकतंत्र पर खतरा
सैलजा ने कहा कि यह बिल लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने वाला है। उनके अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद किसी भी व्यक्ति को 30 दिन तक हिरासत में रखना आसान हो जाएगा और सत्ता पक्ष इसका दुरुपयोग कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ताकत के बल पर जनविरोधी कानून ला रही है, विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खत्म करने की साजिश की जा रही है। सैलजा ने इसे भारतीय संविधान का काला अध्याय बताया।
1984 दंगा पीड़ितों को नौकरी एक राजनीतिक षड्यंत्र
हरियाणा सरकार द्वारा 1984 दंगा पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा पर भी उन्होंने सवाल उठाए। सैलजा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों तक भाजपा सरकार को दंगा पीड़ित याद नहीं आए, लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब इस घोषणा को सामने लाया गया है। यह फैसला दंगा पीड़ितों की मदद के बजाय पंजाब में सियासी जमीन तलाशने की रणनीति का हिस्सा है।
पंजाब में सैनी समुदाय को साधने की कोशिश
सैलजा ने कहा कि पंजाब में भाजपा का जनाधार बेहद कमजोर है। लोकसभा चुनावों में पार्टी कोई सीट नहीं जीत पाई और 2022 के विधानसभा चुनावों में महज दो सीटें हासिल कर सकी। ऐसे में अब भाजपा सैनी समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रही है, जिनकी पंजाब के कई जिलों—होशियारपुर, नवांशहर, जालंधर, रोपड़ और गुरदासपुर—में मजबूत पकड़ है। उनका मानना है कि भाजपा का यह फैसला सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।
हरियाणा में अपराध और नशे पर हमला
सैलजा ने हरियाणा सरकार पर अपराध और नशे को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट, बलात्कार और रंगदारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जबकि जनता न्याय के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिरसा जिला में लगभग हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई युवा नशे की गिरफ्त में दम तोड़ रहा है। बावजूद इसके सरकार केवल यात्राओं और दिखावटी कार्यक्रमों में व्यस्त है। सैलजा ने साफ कहा कि अपराध और नशे को रोकने के लिए सरकार को धरातल पर उतरकर ठोस कदम उठाने होंगे।