




सांसद कुमारी सैलजा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि सिरसा शहर की मुख्य सड़कों पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। हिसार, बरनाला-डबवाली, बरनाला-मानसा और फतेहाबाद से सिरसा होते हुए राजस्थान के नोहर, भादरा, हनुमानगढ़ और ऐलनाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहनों को शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों की जान को खतरा बना रहता है।
कुमारी सैलजा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव बाजेकां (सिरसा) से जमाल (सिरसा) तक मिनी बाइपास (साउथ बाइपास) बनाने की घोषणा की थी। इस परियोजना के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की थी, लेकिन अधिकारियों की रिपोर्ट में इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे सिरसा के नागरिकों को अब भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि इस परियोजना को पुनः प्रारंभ किया जाए और शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बाइपास भविष्य में जालंधर-तारानगर हाईवे का भी हिस्सा बनेगा, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय यातायात को और अधिक सुगमता मिलेगी।




