विनोद लांबा, दिल्ली
Inkhabar Haryana, Kumari Selja: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अंग्रेजों के दौर में किसानों के शोषण की याद दिला रही है भाजपा सरकार। डल्लेवाल, जो खनौरी बार्डर पर धरने पर बैठे हैं, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर MSP गारंटी कानून और 13 अन्य मांगों को उठा चुके हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को नजरअंदाज कर रही है।
डल्लेवाल के स्वास्थय के प्रति जताई चिंता
सैलजा ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है और उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द किसानों की मांगों पर विचार करे और उनकी समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाब और हरियाणा के बार्डर को भारत-पाकिस्तान के बार्डर जैसा बना दिया है, जहां किसानों पर पानी की बौछार की जा रही है और आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं।
कुमारी सैलजा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सरकार किसानों के हक में कोई कदम उठाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सैलजा ने कहा कि जब किसानों ने एमएसपी लागू करने का वादा किया था, तो सरकार ने उनकी बात नहीं मानी और अब जब किसान अपनी पीड़ा को उजागर करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार का यह कृत्य अमानवीय है और किसानों के खिलाफ तानाशाही रवैया साबित करता है।
सरकार पूंजीपतियों के पक्ष में कर रही काम
सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के बजाय पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से किसानों के साथ खड़ी रही है और हम उनकी लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनने पर हम एमएसपी को कानूनी दर्जा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करती है, तो वह किसानों से किए गए वादे को पूरा करते हुए एमएसपी कानून को लागू करेगी।
कुमारी सैलजा ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार को किसानों के अधिकारों को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कांग्रेस किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी और सरकार को किसानों की आवाज दबाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।