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Kumari Selja: अपनी नाकामी छिपाने के लिए संसद नहीं चलने देना चाहती सरकार: सैलजा

BY: • LAST UPDATED : December 10, 2024
विनोद लांबा, दिल्ली

Inkhabar Haryana, Kumari Selja: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए संसद नहीं चलने देना चाहती सरकार। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को संसद में लोगों की आवाज उठाने का अधिकार नहीं देना चाहती और हर मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है।

सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ

कुमारी सैलजा ने कहा कि विपक्ष का मुख्य कार्य जनता की समस्याओं और उनके हितों को सदन में उठाना है। लेकिन सरकार न तो अडानी, न मणिपुर और न ही किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे जनता का विश्वास खोने का खतरा बढ़ रहा है।

विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ

कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाकर लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष से जनता की आवाज उठाने का अधिकार छीन लिया गया तो संसद में जनता की समस्याओं और उनकी आवाज कौन उठाएगा? विपक्ष को कमजोर करने और उसकी भूमिका खत्म करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की समस्याओं और अन्य जनहित के मुद्दों को संसद में उठाना चाहती है, लेकिन सरकार कोई समाधान देने की बजाय विपक्ष को दोषी ठहराने में लगी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की यह रणनीति ध्यान भटकाने और अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए है।

राहुल गांधी को निशाना बनाने का आरोप

कुमारी सैलजा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राहुल गांधी को लगातार निशाना बनाकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हैं, जिससे सरकार असहज हो जाती है। इसीलिए भाजपा सरकार का मुख्य एजेंडा राहुल गांधी को निशाना बनाना बन चुका है।

संसद बाधित करने के लिए सरकार जिम्मेदार

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज भी भाजपा ने संसद को बाधित किया। विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयार था, लेकिन सरकार ने चर्चा की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर गंभीर मुद्दे पर चर्चा करे और विपक्ष के सवालों का जवाब दे, ताकि जनता को भी पता चल सके कि सरकार का इन मुद्दों पर क्या रुख है।