Inkhabar Haryana, Kumari Sheilja News: भारतीय लोकतंत्र के मौलिक सिद्धांतों और अधिकारों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संभल में हिंसा प्रभावित लोगों से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है।
राहुल गांधी को गाजीपुर बॉर्डर पर रोका
कुमारी सैलजा ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी, जो न केवल एक सांसद हैं बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता भी हैं को उत्तर प्रदेश सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया। राहुल गांधी संभल में हिंसा पीड़ितों का हाल जानने और उनके दुख-दर्द साझा करने जा रहे थे। उनके साथ प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेता भी थे।कुमारी सैलजा ने कहा कि यह कदम भाजपा सरकार के लोकतंत्र-विरोधी रवैये को दर्शाता है। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और सवाल उठाया कि आखिर सरकार ऐसा क्या छिपाना चाहती है, जो वह नेता प्रतिपक्ष को संभल जाने से रोक रही है।
हिंसा और नाकामी को छिपाने का प्रयास
कुमारी सैलजा ने संभल की हिंसा को सरकार की नाकामी का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की नीति पर काम कर रही है और समाज में बंटवारे की साजिश कर रही है। हिंसा की घटनाओं को छुपाने के लिए राहुल गांधी को रोका गया, ताकि सरकार की नाकामियां उजागर न हो सकें।उन्होंने सवाल किया कि क्या उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कानून और लोकतंत्र से ऊपर है? क्या हिंसा से जुड़े ऐसे राज हैं जिन्हें छिपाने के लिए नेता प्रतिपक्ष को पीड़ितों से मिलने से रोका जा रहा है?
कांग्रेस का शांति और सद्भाव में विश्वास
कुमारी सैलजा ने भाजपा और कांग्रेस के दृष्टिकोण को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दंगे और ध्रुवीकरण की नीति पर चल रही है, जबकि कांग्रेस शांति और सद्भाव में विश्वास करती है। राहुल गांधी का हिंसा पीड़ितों से मिलने का प्रयास इसी नीति का हिस्सा है।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
कुमारी सैलजा ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में जाने की स्वतंत्रता है। उन्होंने भाजपा सरकार से अपील की कि वह अपनी हठधर्मिता छोड़कर राहुल गांधी को संभल जाने की अनुमति दे।