Inkhabar Haryana, Misbehaviour with MLA : थानेसर नगर परिषद की हाउस बैठक शुक्रवार को उस समय हंगामेदार हो गई, जब थानेसर के निर्दलीय विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा समर्थित पार्षदों के बीच तीखी बहस, नोकझोंक और हाथापाई की नौबत आ गई। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब विधायक अरोड़ा ने बैठक में मौजूद ‘आउटसाइडर्स’ को लेकर सवाल खड़े किए और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से उनका विरोध दर्ज किया।
क्या हैं पूरा मामला?
बैठक की शुरुआत सामान्य ढंग से हुई, लेकिन कुछ ही समय में माहौल गर्मा गया। विधायक अशोक अरोड़ा ने कार्यकारी अधिकारी से इस बात पर सवाल उठाया कि जब नगर परिषद द्वारा मीडिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का लिखित आदेश जारी किया गया था, तो कुछ बाहरी व्यक्ति बैठक में कैसे मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक आदेश की स्पष्ट अवहेलना है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
बहस हाथापाई तक जा पहुंची
विधायक द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद बैठक में मौजूद भाजपा समर्थित पार्षदों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद माहौल और बिगड़ता चला गया। दोनों पक्षों के बीच बहस तेज़ हुई और देखते ही देखते यह बहस हाथापाई तक जा पहुंची। बैठक का माहौल पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गया और आखिरकार बैठक को स्थगित करना पड़ा। विधायक अशोक अरोड़ा ने बाद में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि यह पूरा हंगामा एक साजिश के तहत किया गया। उन्होंने कहा कि मैं जनता की आवाज हूं और मेरी आवाज को गुंडागर्दी से नहीं दबाया जा सकता। कुछ ठेकेदारों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को छिपाने के लिए इस हंगामे को रचा गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि नगर परिषद में हो रहे घोटालों को उजागर करने के उनके प्रयासों को विफल करने के लिए यह सब किया जा रहा है। अरोड़ा के अनुसार, हाल ही में कुछ ठेकेदारों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, और उन्हीं आरोपों की आंच से बचने के लिए यह बैठक बवाल की भेंट चढ़ा दी गई।