




अश्विनी दत्ता ने बताया कि ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हुई, जिनमें यमुनानगर का थर्मल प्लांट, हरियाणा के विभिन्न जिलों में जिला सचिवालयों का निर्माण, और प्रमुख सड़कों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं ने न केवल हरियाणा के विकास को गति दी, बल्कि प्रदेश की बिजली की खपत में भी सुधार किया। चौटाला की नीति थी कि हरियाणा बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बने, और इसके लिए उन्होंने कई योजनाएं बनाई।
उनकी योजना का मुख्य उद्देश्य था कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर जीवन-यापन की सुविधा मिल सके और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। वह सड़कों पर उतरकर आम जनता की समस्याओं को समझते थे और उनके समाधान के लिए तुरंत कार्य करते थे। उनके संबंध तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुखों से भी थे, जो उनके कार्यों की सराहना करते थे।
अश्विनी दत्ता ने यह भी बताया कि ओमप्रकाश चौटाला के जीवन में समाज के हर वर्ग के लिए एक विशेष स्थान था। वह हमेशा चाहते थे कि समाज के सभी वर्गों, खासकर मजदूर वर्ग और गरीबों के लिए योजनाएं बनाई जाएं। उनके लिए शासन सिर्फ सत्ता का खेल नहीं, बल्कि समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने की प्रक्रिया थी। उनकी यह सोच उनके शासन में किए गए कार्यों में साफ नजर आती थी।




