




“वन नेशन वन इलेक्शन” का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सरल और सस्ता बनाना है। वर्तमान में भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच लगातार चुनाव होते रहते हैं, जिससे देश के प्रशासनिक संसाधन भारी दबाव में आते हैं। इसके अलावा, चुनावों का खर्च भी काफी बढ़ जाता है। अगर इस योजना को लागू किया जाता है, तो सभी चुनावों को एक साथ आयोजित करने से न केवल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि चुनावी प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
इस बिल की खास बात यह है कि पहली बार संसद में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के जरिए “वन नेशन वन इलेक्शन” पर विचार किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि इससे मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस संदर्भ में सदस्यों को पूरी प्रक्रिया समझाए जाने की बात कही है, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या असमंजस की स्थिति न बने।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने के संकेत दिए हैं। इससे पहले, विधेयक को कई बार संसद में चर्चा के लिए पेश किया जा चुका है, लेकिन इसे संसदीय समिति के पास भेजे जाने से यह संभावना बनती है कि इस पर व्यापक और गहरी विचार-विमर्श हो सके। यह समिति इस विधेयक की सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगी और फिर इसे संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।




