तीन घंटे चली महत्वपूर्ण बैठक
चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। राहुल गांधी ने इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और पार्टी के पर्यवेक्षकों के साथ विस्तार से संवाद किया। बैठक में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी उदयभान, सांसद कुमारी शैलजा, राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय सिंह यादव, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, बीरेंद्र सिंह और अशोक तंवर जैसे दिग्गज नेता शामिल रहे। राहुल गांधी ने सभी नेताओं से प्रदेश संगठन को लेकर फीडबैक लिया और विचार साझा किए।
गुटबाज़ी पर राहुल गांधी का कड़ा रुख
बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि राहुल गांधी ने हरियाणा में जारी गुटबाज़ी को लेकर नाराज़गी जताई। हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने सभी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पार्टी में किसी भी स्तर पर गुटबंदी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “कांग्रेस संगठन को मज़बूत करने के लिए सभी सीनियर नेताओं का साथ जरूरी है, और सबको निजी मतभेद भुलाकर ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करना चाहिए।
राहुल गांधी की प्राथमिकता में हरियाणा कांग्रेस
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने बैठक को “गौरवपूर्ण दिवस” बताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद हरियाणा के नेताओं के साथ लंबी चर्चा की। इससे साफ है कि कांग्रेस नेतृत्व हरियाणा को लेकर गंभीर है। 2025 संगठन निर्माण का वर्ष होगा और यह बैठक उसी दिशा में बड़ा कदम है।
वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाएं
सांसद कुमारी शैलजा ने भी बैठक को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि संगठन निर्माण में देरी हुई है, लेकिन अब जब राहुल गांधी खुद सामने आए हैं, तो संगठन खड़ा होगा और मजबूत भी बनेगा। उन्होंने कहा कि देर आए, दुरुस्त आए। अब दिशा और नेतृत्व दोनों स्पष्ट हैं। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब हरियाणा में कांग्रेस संगठन पुनर्गठित हो जाएगा, तब पार्टी की स्थिति राज्य में पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।