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Rampal Manjra on Ramchandra Jhangra Statement: “शहीदों और आम नागरिकों….”, INLD प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

BY: • LAST UPDATED : May 26, 2025
Inkhabar Haryana, Rampal Manjra on Ramchandra Jhangra Statement: बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा द्वारा बयान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बयान पर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे न केवल असंवेदनशील, बल्कि राष्ट्र विरोधी भावना से प्रेरित बताया है।

जांगड़ा के बयान पर रामपाल माजरा ने जताई आपत्ति

रामपाल माजरा ने कहा कि जांगड़ा का बयान उन शहीदों और आम नागरिकों का अपमान है जो देश के लिए जान तक देने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ हथियारबंद, प्रशिक्षित आतंकवादी खड़े हों और दूसरी तरफ निहत्थे लोग हों तो उनसे लड़ने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? इस बयान से रामचंद्र जांगड़ा का देश के प्रति समर्पण स्पष्ट नहीं होता। उन्हें स्वयं इस पर शर्मिंदगी महसूस होनी चाहिए और अगर नहीं हो रही तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

महिलाओं को लेकर दिए बयान पर भी जताई नाराज़गी

रामपाल माजरा ने महिलाओं से जुड़े जांगड़ा के बयान की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किस प्रकार की भाषा और सोच प्रदर्शित की जा रही है। माजरा ने कहा कि यह देश का मामला है और जांगड़ा जैसे नेताओं को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। पहलगाम की घटना निंदनीय है और हमारी सेना की बहादुरी और बलिदान पर पूरे देश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों में हमारे सैनिकों ने जो साहस दिखाया है, वह मिसाल है।

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थानेसर नगर परिषद की घटना पर भी दी प्रतिक्रिया

बैठक के दौरान हुई हाथापाई की घटना पर भी रामपाल माजरा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रामचंद्र जांगड़ा का इस घटना की निंदा करना सही है। माजरा ने कहा कि एक विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। कमेटी, पंचायत समिति या जिला परिषद जैसी संस्थाओं में प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है। कोई भी व्यक्ति आकर बैठक में बैठ जाए, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। रामपाल माजरा ने कहा कि कानून व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादा दोनों का पालन होना चाहिए। उन्होंने राज्यसभा सांसद को नसीहत दी कि वे अपने शब्दों और विचारों में संतुलन रखें, क्योंकि जनता नेताओं की बातों को गंभीरता से लेती है।