




Inkhabar Haryana, Ran Singh Maan: हरियाणा कांग्रेस में इन दिनों राजनीतिक उठा-पटक और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जो कांग्रेस पार्टी में किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। उनके अनुसार, कांग्रेस में एक व्यक्ति का बढ़ता प्रभुत्व पार्टी की साझा पहचान और समग्र विकास के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
रणसिंह मान ने आरोप लगाया कि भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा में इतनी ताकत नहीं है कि वे एक नई पार्टी बना सकें और उसे चला सकें। उनका कहना था कि अगर दोनों पिता-पुत्र अपनी अलग पार्टी बनाते हैं, तो वे अकेले खड़े नजर आएंगे, क्योंकि उनका समर्थन जनता से नहीं मिलेगा।
मान ने यह भी आरोप लगाया कि भूपेंद्र हुड्डा ने अपने बेटे के मोह में आकर जिला प्रभारियों की सूची में अपनी पसंदीदा व्यक्तियों को शामिल किया था। यह सूची बाद में रद्द कर दी गई, क्योंकि इसमें पार्टी के अन्य नेताओं की उपेक्षा की गई थी, और यह स्थिति पार्टी में असंतोष का कारण बनी।
2024 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणसिंह मान ने यह भी कहा कि भूपेंद्र हुड्डा को 72 सीटों पर टिकट बांटने की पूरी स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन इस अधिकार का उपयोग उन्होंने केवल अपने निजी हितों और परिवारिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए किया। उनके अनुसार, इस वजह से कांग्रेस पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया, जो पार्टी के लिए मेहनत कर रहे थे और कांग्रेस के असली समर्थन थे। परिणामस्वरूप, पार्टी को भारी नुकसान हुआ।
रणसिंह मान का यह भी कहना है कि अगर कांग्रेस पार्टी हाई कमान हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष को बदलने का फैसला करता है, तो इससे पार्टी को लाभ हो सकता है। उनका मानना है कि नए नेतृत्व के तहत पार्टी फिर से अपने रचनात्मक दिशा में काम कर सकती है और आगामी चुनावों में सफलता हासिल कर सकती है।




