Advertisement
Advertisement
होम / Sandeep Garg: चुनाव हारने के बाद संदीप गर्ग का ऐसा फैसला, बंद करवाई लोगो के लिए ये सेवा

Sandeep Garg: चुनाव हारने के बाद संदीप गर्ग का ऐसा फैसला, बंद करवाई लोगो के लिए ये सेवा

BY: • LAST UPDATED : October 11, 2024

Sandeep Garg: संदीप गर्ग, जो लाडवा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे, चुनाव हारने के बाद फिर से चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने चुनाव हारते ही अपनी प्रसिद्ध “पांच रुपये की रसोई” बंद कर दी, जो पहले लाडवा सहित आसपास के कई क्षेत्रों में गरीबों और जरूरतमंदों को कम कीमत में भरपेट खाना उपलब्ध कराती थी। यह रसोई अप्रैल 2022 में लाडवा के पुराने डाकखाने के पास शुरू हुई थी और इसे खास तौर पर सराहा गया था। यहां मात्र पांच रुपये में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक खाना मिलता था, जिससे प्रतिदिन करीब 300 लोग लाभान्वित होते थे।

राजनीतिक लाभ के लिए चलाई हुई रसोई बंद

चुनाव परिणाम आने के बाद, जब संदीप गर्ग को केवल 2262 वोट मिले, उन्होंने अगले ही दिन रसोई बंद कर दी। इस कदम ने क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी आलोचना को जन्म दिया, कई लोगों ने उनके समाजसेवा के इस प्रयास को स्वार्थ से प्रेरित बताया। लोग कह रहे हैं कि गर्ग ने रसोई केवल राजनीतिक लाभ के लिए चलाई और चुनाव हारने के बाद इसे बंद कर दिया।

कांग्रेस, बीजेपी के बाद निर्दलीय चुनाव में लिया हिस्सा

गर्ग पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे, लेकिन 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे, यह सोचकर कि उन्हें लाडवा से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मिलेगी। जब टिकट नहीं मिली, तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। चुनाव हारने के बाद से गर्ग क्षेत्र में भी सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस रसोई को लेकर गर्ग ने पहले यह दावा किया था कि वे इसे लंबे समय तक चलाएंगे और ऑटोमेटिक रोटी बनाने की मशीन भी लगाएंगे, लेकिन अब इस रसोई के बंद हो जाने से क्षेत्र में उनके इस कदम की आलोचना हो रही है।

Advertisement

Dussehra Festival: अंबाला में दशहरा महोत्सव और जरूरतमंद कन्याओं का विवाह