Inkhabar Haryana, Shamsher Singh Gogi: हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी और संगठन की कमजोरी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं गर्म हो गई हैं। असंध से कांग्रेस के पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने अपने निवास स्थान करनाल में मीडिया से बातचीत के दौरान पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कई गंभीर बातें कही।
उदयभान पर आरोप
गोगी ने प्रदेश अध्यक्ष उदयभान पर संगठन को कमजोर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उदयभान का कहना कि संगठन नहीं बन पा रहा क्योंकि ऊपर से अप्रूवल नहीं आ रहा। गोगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हिम्मत है तो सीधे हाईकमान पर उंगली उठाएं, लेकिन संगठन न बनाने के लिए अब जिम्मेदारी दूसरों पर डालने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उदयभान यदि चुनाव से पहले यह मुद्दा उठाते तो इसकी कुछ कीमत होती, लेकिन अब इसे जनता नजरअंदाज कर चुकी है।
हुड्डा पर चुटकी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने हार का कारण “तंत्र” को बताया था, गोगी ने कहा कि तंत्र भाजपा के हाथ में हो सकता है, लेकिन जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने अपने साथियों पर भरोसा नहीं किया और बिना विधायकों के ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर दी थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग पिछले चार चुनाव हार चुके हैं, वे सोच रहे हैं कि कांग्रेस पांचवीं बार भी उन्हीं पर दांव लगाएगी, लेकिन कमजोर घोड़ों पर कोई दांव नहीं लगाता।
नए संगठन और नई टीम की वकालत
कांग्रेस के भविष्य पर बात करते हुए गोगी ने कहा कि पार्टी को अब एक नई टीम और नए तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा पिछले 20 साल से एक ही चेहरे पर भरोसा किया गया है। अब समय आ गया है कि पार्टी में बदलाव लाया जाए। कांग्रेस के कार्यकर्ता आज भी मजबूत हैं, और इन्हीं कार्यकर्ताओं में से किसी को कमान सौंपने की जरूरत है।
हुड्डा की कोठी खाली करने पर प्रतिक्रिया
चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष की कोठी खाली करने को लेकर चल रही बयानबाजी पर गोगी ने इसे तूल देने लायक मुद्दा नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार किराया देकर कोठी में रह सकते हैं, इसमें कोई खास बात नहीं है।
गोगी ने पार्टी नेतृत्व को सलाह देते हुए कहा कि संगठन एक महीने में तैयार हो सकता है यदि सही तरीके से काम किया जाए। उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत बताते हुए कहा कि अब जनता का विश्वास जीतने के लिए नए नेतृत्व और ठोस रणनीति की जरूरत है।